+91 8115482021, 7007438055 | amritamnaturopathy@gmail.com
myyoga.co.in Book Appointment
दर्द और जकड़न से प्राकृतिक राहत

अग्नि चिकित्सा
& पिंड स्वेदन

प्राचीन आयुर्वेदिक ताप चिकित्सा द्वारा वात रोगों, जोड़ों के दर्द और मांसपेशियों की जकड़न का अचूक इलाज।

Home Therapies Agni Chikitsa
Agni Chikitsa and Pinda Swedana

ताप चिकित्सा

गहराई से आराम

Ancient Heat Therapy

अग्नि चिकित्सा और
पिंड स्वेदन क्या है?

आयुर्वेद में 'स्वेदन' का अर्थ पसीना लाना या ताप चिकित्सा है। पिंड स्वेदन में विशेष औषधीय जड़ी-बूटियों, पत्तों, या चावल को कपड़े में बांधकर एक गर्म पोटली (Bolus) बनाई जाती है, जिससे शरीर के दर्द वाले हिस्सों की सिकाई की जाती है।

अग्नि चिकित्सा शरीर के वात दोष (Vata Dosha) को संतुलित करने का एक शक्तिशाली तरीका है। यह गर्मी नसों और मांसपेशियों की गहराई तक जाती है, जिससे रक्त संचार बढ़ता है और जकड़न तुरंत दूर होती है। स्लिप डिस्क, गठिया और पुराने जोड़ों के दर्द (Joint Pain) में यह थेरेपी रामबाण मानी जाती है।

Therapeutic Benefits

मुख्य लाभ

जोड़ों और घुटनों का दर्द

गठिया (Arthritis) और पुराने जोड़ों के दर्द में औषधीय ताप से सूजन कम होती है और आराम मिलता है।

मांसपेशियों की जकड़न

पोटली की सिकाई मांसपेशियों (Muscles) की ऐंठन को खोलती है और शरीर को लचीला (Flexible) बनाती है।

स्लिप डिस्क (Slip Disc)

कमर दर्द, साइटिका और स्लिप डिस्क से पीड़ित रोगियों के लिए यह थेरेपी अत्यधिक सुरक्षित और फायदेमंद है।

वात दोष (Vata) संतुलन

शरीर में बढ़ी हुई वायु (Vata) को नियंत्रित करता है, जिससे लकवा (Paralysis) जैसी स्थितियों में भी सुधार होता है।

दर्द से मुक्ति का प्राकृतिक मार्ग अपनाएं

अमृतम वेलनेस में डॉ. आयुष सिंह (BNYS) के निर्देशन में पारंपरिक तरीके से अग्नि चिकित्सा और पिंड स्वेदन प्रदान किया जाता है।